भुवनेश्वर, 17 नवम्बर:
कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (कीस) ने अपने वार्षिक पेरेंट्स’ मीट को इस वर्ष पहली बार जिला-स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कीस आदिवासी पेरेंट्स एसोसिएशन (KAPA) द्वारा रविवार को कीस कैंपस में आयोजित एक तैयारी बैठक में किए गए अनुरोध के बाद लिया गया। बैठक में ओडिशा के विभिन्न जिलों से आए आदिवासी अभिभावक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
हर वर्ष, ओडिशा और देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों अभिभावक कीस के इस विशाल पेरेंट्स’ मीट में शामिल होने भुवनेश्वर आते हैं। इस बार तैयारी बैठक के दौरान, पेरेंट्स’ एसोसिएशन के सदस्यों ने कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत से अनुरोध किया कि इस आयोजन को एक ही जगह आयोजित करने के बजाय जिला-स्तर पर किया जाए। डॉ. सामंत ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि दिसंबर से मार्च के बीच विभिन्न जिलों में पेरेंट्स’ मीट आयोजित की जाएगी।
इस घोषणा का उपस्थित सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वे खुश थे कि अब यह आयोजन प्रत्येक जिले में होगा। उन्होंने आदिवासी विकास के प्रति डॉ. सामंत की लम्बे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष की आयु से ही डॉ. सामंत 33 वर्षों से शिक्षा, खेल और विभिन्न कल्याणकारी पहलों के माध्यम से आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कीस आज एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
KAPA के सदस्यों ने डॉ. सामंत को एक दूरदर्शी नेता और आदिवासी विकास की प्रेरक शक्ति बताया। उन्होंने याद किया कि 1992–93 में, जब बहुत कम लोग आदिवासी मुद्दों पर ध्यान दे रहे थे, तब उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. सामंत ने कभी भी किसी आदिवासी अभिभावक पर कीस को लेकर किसी प्रकार का बोझ नहीं डाला, जिसके कारण उन्हें अभिभावकों का अटूट विश्वास प्राप्त है।
सदस्यों ने यह जानकर भी खुशी व्यक्त की कि कीस जल्द ही केंद्रपाड़ा जिले में अपनी एक शाखा खोलेगा—इसके पहले यह कालाहांडी, बलांगीर, बालासोर और मयूरभंज में अपनी शाखाएँ खोल चुका है।
बैठक में शामिल प्रमुख लोगों में राज्यसभा सांसद एवं आदिवासी नेता निरंजन बिशी, KAPA के सचिव लंबोदर सिंह, अध्यक्ष राम साबर, सदस्य परमानंद मज़ही, कीस के CEO डॉ. प्रशांत कुमार राउताराय और अतिरिक्त CEO प्रमोद पात्र मौजूद थे।










