

भुवनेश्वर, 21 फरवरी: कीट डीम्ड विश्विद्यालय ने अमेज़न (यूएस) के चीफ ग्लोबल अफेयर्स एवं लीगल ऑफिसर डेविड ए. जापोस्की को एक विशेष समारोह में कीट प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा।
इस अवसर पर कीट-कीस-कीम्स के संस्थापक महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत तथा अमेज़न इंडिया के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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भारत में अमेज़न का बढ़ता निवेश
कीट के कुलपति प्रो. सरनजीत सिंह के साथ विस्तृत संवाद में श्री ज़ापोल्स्की ने भारत में अमेज़न की बढ़ती भागीदारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि अमेज़न ने भारत में अब तक लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, जिसमें डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड कंप्यूटिंग में बड़े निवेश शामिल हैं। कंपनी के डेटा सेंटर मुंबई और हैदराबाद में संचालित हो रहे हैं। पिछले वर्ष ही भारत में अपनी उपस्थिति को और सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त 35 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई।
उन्होंने कहा,
“AI के वैश्विक विमर्श को दिशा देने में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भारत ने स्पष्ट रूप से बताया है कि वह AI के माध्यम से क्या हासिल करना चाहता है। हमारी भूमिका उस महत्वाकांक्षा को समर्थन देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है।”
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4 करोड़ छात्रों तक AI एवं STEM शिक्षा
श्री ज़ापोल्स्की ने भारत सरकार के साथ अमेज़न की साझेदारी की घोषणा की, जिसके तहत देशभर के 4 करोड़ सरकारी स्कूलों के छात्रों तक AI और STEM शिक्षा पहुंचाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य अगली पीढ़ी को AI-सक्षम कार्यबल के रूप में तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल को कंपनी की मूल दक्षताओं से जोड़ना चाहिए। अमेज़न अपनी तकनीकी और लॉजिस्टिक क्षमताओं का उपयोग आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास में करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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AI नियमन और नैतिकता
AI गवर्नेंस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यद्यपि AI का पूर्ण प्रभाव अभी समझा जाना बाकी है, फिर भी संतुलित और विचारशील नियमन आवश्यक है। मजबूत अनुपालन ढांचे के माध्यम से तकनीक का नैतिक और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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छात्रों के लिए प्रेरक संदेश
अपने व्यक्तिगत जीवन की चर्चा करते हुए — जहाँ वे एक वैज्ञानिक और संगीतकार बनने की आकांक्षा से लेकर ब्रुकलिन में अभियोजक और बाद में अमेज़न के शीर्ष कार्यकारी बने — उन्होंने छात्रों को केवल प्रतिष्ठा या वेतन के पीछे न भागने की सलाह दी।
उन्होंने कहा-
“अपने मन की आवाज़ सुनिए। वही कीजिए जो आपको खुशी दे। जब आप अपने जुनून का अनुसरण करते हैं, तो अवसर स्वयं आपके पास आते हैं।”
उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखते रहने और जिज्ञासु बने रहने का संदेश दिया।
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विश्व के सबसे बड़े आदिवासी आवासीय विद्यालय की परिसर का भ्रमणः
अपने ऐतिहासिक दौरे के दौरान श्री ज़ापोल्स्की ने कीस परिसर का भी भ्रमण किया और छात्रों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने संस्थान की उल्लेखनीय प्रगति और आदिवासी सशक्तिकरण के क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की।
यह दौरा कीट-कीस के वैश्विक नेतृत्व के साथ बढ़ते संबंधों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण सिद्ध हुआ।
-अशोक पाण्डेय








