आप अच्छे हैं। आपका काम अच्छा है। आपका विचार अच्छा है। आपका व्यवहार अच्छा है। आपका कोई काम ऐसा नहीं है जिससे कि कोई व्यक्ति, समाज, ओड़िशा राज्य और सम्पूर्ण भारत लाभान्वित और गौरवान्वित न हुआ हो। आप अपनी नि: स्वार्थ सेवाएं मुस्कराते हुए आजीवन निभाते रहें!
आलोचना उसी की होती है जो अच्छा होता है।
जय जगन्नाथ!
-अशोक पाण्डेय








