Header Ad

Categories

  • No categories

Most Viewed

उत्तम व्यक्ति बनें!

——————
पाण्डव विदुरजी को देवता के समान मानते थे,उनका सम्मान करते थे क्योंकि विदुर जी साक्षात धर्मराज थे। लेकिन माण्डव ऋषि के शाप से विदुर जी सौ वर्षों के लिए शूद्र बन गये थे।उन सौ वर्षों के दौरान यमराज के पद पर अर्यमा विद्यमान थे। विदुर जी ने धृतराष्ट्र को यह संकेत दिया कि अब बड़ा ही खराब समय आ रहा है झटपट यहां से निकल चलिए। कुल मिलाकर उन्होंने धृतराष्ट्र को उत्तम मनुष्य बनने का संदेश दिया।
मेरे व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर आप उत्तम पुरुष हैं और इसे आजीवन बनाए रखें!
आज आपकी सफलता अभूतपूर्व होगी।
-अशोक पाण्डेय

    Leave Your Comment

    Your email address will not be published.*

    Forgot Password