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कीट डीम्ड विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर का 17वां दीक्षांत समारोह आयेजित

“कम भाग्यशाली लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालें। “ मुख्य अतिथि,श्री धर्मेन्द्र प्रधान,माननीय शिक्षामंत्री,भारत सरकार

भुवनेश्वरः14अगस्तःअशोक पाण्डेयः
14अगस्त को आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के एक दिन पूर्व वर्चुअल मोड में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय,भुवनेश्वर ने अपना 17वां दीक्षांत समारोह मनाया। अपने संबोधन में समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केन्द्रीय शिक्षा,कौशल विकास तथा इण्टरप्रेनियरशिप मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि “कम भाग्यशाली लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालें। “उन्होंने विश्वविद्यालय की चंहुमुखी उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए 2020 टोक्यो ओलंपिक में कीट की ओर से प्रतिनिधित्व करनेवाली तेज धाविका दुती चांद,शिवपाल सिंह ,जेवलीन थ्रो तथा सी.ए.भवानी देवी,फेंसिग के नामों का उल्लेख करते हुए उसे विश्वविद्यालय की असाधारण उपलब्धि बताया। साथ ही साथ उन्होंने कीट-कीस के प्राणप्रतिष्ठाता तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रोफेसर अच्युत सामंत के असाधारण योगदानों की भी सराहना की। अवसर पर 1987 के रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जीन मेरी लेन ने दीक्षांतवार्ता प्रस्तुत करते हुए प्रोफेसर अच्युत सामंत के विदेह जीवन की जानकारी दी जिसके बदौलत आज कीट-कीस सफलता के शिखर पर विराजमान है। अपनी उल्लेखनीय आध्यात्मिक सेवाओं के लिए श्री माता अमृतानन्दमयी देवी,मां तथा इएनएएम समूह के सह-संस्थापक श्री वल्लभ भानशाली तथा 1987 के रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जीन मेरी लेन आदि को विश्वविद्यालय की ओर से मानद डाक्टरेट की डिग्री प्रदान की गई। रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जीन मेरी लेन ने अपने वक्तव्य में प्रोफेसर अच्युत सामंत को एक सरल,सौम्य,मृदुल तथा विलक्षण व्यक्तित्व का धनी बताया जिन्होंने निःस्वार्थभाव से मानवता की सेवा के संकल्प से अपनी सेवा-यात्रा कर रहे हैं। श्री माता अमृतानन्दमयी देवी,मां ने कीट तथा प्रोफेसर अच्युत सामंत की तारीफ करते हुए सभी शिक्षाविदों को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। गौरतलब है कि कीट डीम्ड विश्वविद्यालय,भुवनेश्वर का एकमात्र ऐसा डीम्ड विश्वविद्यालय है जहां पर भारत के विभिन्न राज्यों समेत कुल 65 देशों के लगभग तीस हजार युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं। विश्वविद्यालय की ख्याति ऐसी है कि अबतक 22नोबुल पुरस्कार विजेता कीट डीम्ड विश्वविद्यालय में समय-समय पर पधार चुके हैं। कीट-कीस के प्राणप्रतिष्ठाता तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रोफेसर अच्युत सामंत हैं जिन्होंने मात्र पांच हजार रुपये की अपनी जमा पूंजी से 1992-93 में कीट-कीस की स्थापना की जो आज पूरे विश्व के आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। आयोजित 17वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के सत्रः2020-21 के कुल 7032 स्नातकों,आयुष कुमार तथा बसेल नासोर तथा सुधाशु उपाद्याय को फाउण्डर गोल्डमेडेल,22 स्नातकों को चान्सलर गोल्ड मेडेल,31 स्नातकों को कुलपति रजत पदक के साथ-साथ नानीबाला मेमोरियल गोल्ड मेडल,पी.के.बल मेमोरियल गोल्ड मेडल,पारादीप फासफेट लिमिटेड गोल्ड मेडल,कृष्णचन्द्र पण्डा मेमोरियल गोल्ड मेडल के साथ-साथ 61 सफल शोधार्थियों को डाक्टरेट की डिग्री प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर जे.आर. महंती ने धन्यवादज्ञापन किया। अपनी प्रतिक्रिया में कीट-कीस के प्राणप्रतिष्ठाता तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रोफेसर अच्युत सामंत ने आयोजन को संतोषप्रद बताया जिसमें वर्चुअल मोड में विश्व के हजारों शिक्षाविद् जुडकर आयोजन में चार चांद लगाये। समारोह को प्रो वेदप्रकाश,विश्वविद्यालय के कुलाधिपति,प्रोफेसर सुब्रत कुमार आचार्य,प्रो-चांस्लर आदि ने संबोधित किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रभारी प्रोफेसर एस सामंत ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
अशोक पाण्डेय

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