
भुवनेश्वर, 8 नवम्बर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने शनिवार को कीट और कीस का दौरा किया और छात्रों से संवाद किया। अपनी विशिष्ट शैली और तुकबंदी भरे भाषण के लिए प्रसिद्ध श्री अठावले ने कीट और कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की जनजातीय समुदायों के जीवन में शिक्षा के माध्यम से आए परिवर्तन के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कीस के छात्रों से खचाखच भरे सभागार में बच्चों को संबोधित करते हुए श्री अठावले ने कहा, “आपको किसी प्रायश्चित की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप डॉ. सामंत द्वारा स्थापित संस्थान में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हमें आदिवासी समाज को आगे बढ़ाना है, उनमें वैमनस्य नहीं पैदा करना है।” उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या में जनजातीय समुदायों की बड़ी हिस्सेदारी है और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए उनके शिक्षा से सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने छात्रों से कहा, “डॉ. अच्युत सामंत ने आपको शिक्षा का अवसर दिया है; अब आपको अपने समाज की नींव को मजबूत करना है।” साथ ही उन्होंने छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. अच्युत सामंत ने मंत्री महोदय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “श्री रामदास अठावले जी सदैव सामाजिक न्याय और समानता के पक्षधर रहे हैं। आज उनके प्रेरणादायी शब्द हमारे छात्रों को बड़े सपने देखने और समाज की सेवा के लिए करुणा से प्रेरित करेंगे।”
कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सरनजीत सिंह ने मंत्री महोदय का स्वागत करते हुए कहा कि “सार्वजनिक जीवन और औद्योगिक विकास में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय है। उनका आज का आगमन हमारे छात्रों के लिए एक प्रेरणा है।”
इस अवसर पर कीट के रजिस्ट्रार प्रो. जे. आर. मोहंती, कीस के रजिस्ट्रार प्रशांत राउतराय तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।










