आज, दिनांक:02 अक्टूबर, बुधवार है। दो अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। गांधी जी के पास सत्य, अहिंसा और त्याग जैसे अमोघ शस्त्र थे जिनके बल पर उन्होंने भारत को अंग्रेजों से आजाद कराया। गौरतलब है कि गांधी जी की हत्या 30 जनवरी,1948 को उस समय नाथूराम गोडसे ने कर दी जब वे शाम को लगभग 5.17 बजे प्रार्थना सभा से लौट रहे थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने मरते समय’ हे राम’ कहा था। उनकी अंतिम शवयात्रा यात्रा में लगभग 15 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था। गांधी जी का अमर सपना था कि भारत में रामराज्य आये । वे भारत के गांवों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे। वे भारत को स्वच्छ भारत बनाना चाहते थे। वे स्वदेशी आंदोलन के पक्षधर थे। वे भारत में बुनियादी शिक्षा लाना चाहते थे।वे भारत को आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते थे। वे ग्राम स्वराज चाहते थे।वे स्वावलंबन के पक्षधर थे। वे समस्त भारतवासियों को सच्ची देशभक्ति और मानवता का संदेश देकर अमर हो गये। उनके अति सामान्य जीवन से हमें आज यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि हम भी मन,वचन और कर्म से सच्चे राष्ट्रभक्त बनें! सच्चे गांधीवादी बनें! सच्चे मानवतावादी बनें! आज गांधी जयंती पर समस्त भारतवासियों की ओर से उनको यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि सभी देशवासी सत्य, अहिंसा और त्याग के मार्ग पर चलें और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में पूर्ण सहयोग करें!
-अशोक पाण्डेय









