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दी अमूल्य जीवन फॉउन्डेशन की ओर से स्वेच्छिक रक्तदान शिविर

75वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था *दी अमूल्य जीवन फॉउन्डेशन* की तरफ से कटक के माणिक घोष बाजार स्थित मारवाड़ी क्लब परिसर में स्वेच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 127 units रक्त संग्रह किया गया। अमूल्य जीवन के प्रतिष्ठाता एवं आवाहक अविनाश खेमका के प्रत्यक्ष तत्वाधान में आयोजित इस शिविर में कटक के अनेक स्वेच्छासेवी नागरिकों ने बढ़चढ़ कर भाग लेकर रक्तदान किया।रविवार को स्वाधीनता के अमृत उत्सव का पालन करते हुए अमूल्य जीवन के समस्त कार्यकर्ता एवं अनेक स्वेच्छासेवी लोगों ने मिलकर ध्वजारोहण करके एवं राष्ट्रगान गाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रक्तदान प्रातः 9 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक चला।अमूल्य जीवन के कार्यकर्ताओं में जोश देखने लायक था। कार्यक्रम का संचालन बड़े ही सुन्दर एवं सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। कोविड-19 के नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया गया। कार्यक्रम आरम्भ होने से पहले पूरे परिसर की साफ सफाई कर सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। आने वाले हर व्यक्ति के हाथों पर सैनिटाइजर छिड़का गया एवं उन्हें मास्क दिया गया। सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए रक्तदान किया गया। अमूल्य जीवन के सदस्य विकास सेठ, राकेश जैन, सुरेश केडिया, श्वेता कानूनगो, सुभाष बर्धन, तरुण रॉउत, सरत सेठी, ज्ञान जेना, कुश जैन, शायान सलात एवं अन्य कार्यकर्ता कार्यक्रम के सफल संचालन में जुटे थे। अविनाश खेमका के पुत्र आदित्य वर्धन एवं आशुतोष भी रक्तदाताओं की सेवा में लगे थे। एंगेल्स वेलफेयर आर्गेनाईजेशन के वीरेन सलोट, राजीव शाह और कई सदस्यों ने कार्यकम में भाग लिया।फॉउन्डेशन के प्रतिष्ठाता अविनाश खेमका ने कहा कि *जीवन आरोग्य* कार्यक्रम के अंतर्गत हर वर्ष कम से कम एक हजार यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कटक शहर के विभिन्न इलाकों में रक्तदान शिविर लगाए जाएँगे। साथ ही ओडिशा के विभिन्न गाँवों में हर महीने स्वास्थ्य शिविर लगा कर गरीब लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने की योजना है।सूचनायोग्य है कि अमूल्य जीवन फॉउन्डेशन ने *जीवन आहार* योजना के अंतर्गत कोविड-19 के कठिन समय में विगत डेढ़ वर्षों में लोगों की खूब सेवा की है। वर्ष 2020 के अप्रैल में पुलिस विभाग के साथ मिलकर सोलह दिनों तक प्रतिदिन दो हजार लोगों को खाना बाँटा गया, मई-जून में टाँगी के निकट बंदालो में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चालीस दिनों तक खड़े रहकर अपने घरों को लौट रहे 80000 से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को  खाना और पानी बाँटा गया और 200 से ज्यादा पैदल सफर कर रहे प्रवासी श्रमिकों को गाड़ी की व्यवस्था कर उनके घर पहुँचाया गया।गौरतलब है कि 5 मई 2021 से 30 जून 2021 के 57 दिनों के लोकडाउन के दौरान पूरे कटक शहर में कोविड ग्रसित पाँच सौ से ज्यादा परिवारों को बीस हजार से ज्यादा पैकेट खाना उनके घर पर पहुँचाया गया, विभिन्न बस्तियों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों को दो लाख से ज्यादा पैकेट खाना बाँटा गया, 1750 परिवारों को मासिक राशन दिया गया, शहर के सड़कों पर गूम रहे भूखी गौमाताओं को अस्सी हजार रोटियाँ खिलाई गयी और कुत्तों को ढाई हजार  किलो बिस्कुट खिलाया गया।

अशोक पाण्डेय

 

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