कृष्णा तिवारी,कक्षा-9,केन्द्रीय विद्यालय,यूनिट-9,भुवनेश्वर
मैं अपनी जानकारी से यह गर्व के साथ कह सकता हूं कि भुवनेश्वर कीट-कीस-कीम्स के संस्थापक महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत का वास्तविक जीवन-दर्शनःआर्ट ऑफ गिविंगः मेरे बाल-जीवन की सच्ची प्रेरणा हैं।मैं यह भी मानता हूं कि प्रोफेसर अच्युत सामंतजी का आर्ट ऑफ गिविंग जीवन-दर्शन भारत के समस्त युवा समाज में शांति,खुशी और सद्भाव फैलाने, मानवीय संबंधों को मजबूत करने, सभी से प्यार करने में और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए बहुत जरुरी जीवन-दर्शन है।मित्रों,यह जानकर मुझे खुशी हुई कि 17 मई, 2013 को अच्युत सामंत सर ने आत्मज्ञान प्राप्त कर इसे अपनाया।आर्ट ऑफ गिविंग जीवन-दर्शन को जाति, भाषा,सम्प्रदाय, लिंग, धर्म, जन्म स्थान आदि की बाधाओं के बिना सभी को अपनाना चाहिए।मैं इससे पूरी तरह से प्रभावित हूं। मेरी समझ से यह एक सामाजिक आंदोलन है जिसके माध्यम से प्रेम, सद्भाव, भाईचारा, एकता और सौहार्द पूरे बाल-समुदाय में विकसित होगा। मेरा यह भी मानना है कि प्रोफेसर अच्युत सामंत जी के इस ऑर्ट ऑफ गिविंग जीवन-दर्शन को अगर देश के सभी स्कूली बच्चे अगर ईमानदारी से अपना लेंगे तो सम्पूर्ण भारतवर्ष में एकता,शांति,मैत्री,प्रेम और भाईचारे का पावन संदेश जाएगा और यह जीवन-दर्शन भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
-कृष्णा तिवारी.के.वि.-1,यूनिट-9,भुवनेश्वर
महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत का वास्तविक जीवन-दर्शनःआर्ट ऑफ गिविंगः मेरे बाल-जीवन की प्रेरणा है-









