यह संसार कर्मस्थली है।इसमें देवता हमारे कर्मफल दाता हैं। ये आठ प्रकार के हैं:वसु देवता, आदित्य देवता ,रुद्र देवता, इंद्र देवता और प्रजापति देवता।वसु देवता आठ हैं। आदित्य देवता बारह हैं। रुद्र देवता ग्यारह हैं। इंद्र देवता और प्रजापति देवता एक- एक हैं। इस प्रकार कुल तैंतीस कोटि (प्रकार/श्रेणी) के देवता हैं जो हमारे कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
आप सत्कर्म करते हैं।
आजका दिन आपका संदेशप्रद होगा।
-अशोक पाण्डेय








