भुवनेश्वर, 13 सितंबर 2025: ग्लोबल साउथ यंग डिप्लोमेट्स फोरम (जीएसवाईडीएफ) के तीसरे विशेष पाठ्यक्रम में भाग ले रहे 39 विभिन्न देशों के 39 युवा राजनयिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत में अपने शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभव के एक हिस्से के रूप में आज आईआईटी भुवनेश्वर का दौरा किया। इस यात्रा ने ज्ञान साझाकरण, सहयोग और लोगों के बीच जुड़ाव के माध्यम से ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मज़बूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया। सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (एसएसआईएफएस) द्वारा 8-19 सितंबर 2025 तक आयोजित यह प्रमुख कार्यक्रम, भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ समिट के बाद 2023 में शुरू किया गया था। इस वर्ष का आयोजन विकासशील देशों के युवा राजनयिकों को वैश्विक प्राथमिकताओं और चुनौतियों पर तालमेल बनाने के लिए एक साथ लाता है। आईआईटी भुवनेश्वर में, संस्थान के निदेशक प्रो. श्रीपद कर्मलकर ने स्वागत भाषण और प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें संस्थान के दृष्टिकोण, शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र और शोध क्षमताओं का परिचय दिया गया। इस अवसर पर बोलते हुए, प्रो. कर्मलकर ने कहा: “हमें अपने परिसर में ग्लोबल साउथ के युवा राजनयिकों की मेज़बानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आईआईटी भुवनेश्वर ज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है जो न केवल भारत की आवश्यकताओं बल्कि वैश्विक चुनौतियों का भी समाधान करता है। हम आज यहाँ प्रतिनिधित्व करने वाले देशों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग के अवसरों की खोज करने के लिए तत्पर हैं।” इस यात्रा ने राजनयिकों को निदेशक और संकाय सदस्यों के साथ जीवंत बातचीत करने और मौजूदा शैक्षणिक एवं अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान सहयोगों का पता लगाने का अवसर प्रदान किया। चर्चाओं में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और स्थायी समाधानों के क्षेत्र में आईआईटी भुवनेश्वर के बढ़ते नेतृत्व को भी प्रदर्शित किया गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की कुछ अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया, जिनमें सिलिकॉन कार्बाइड अनुसंधान एवं ऊष्मायन केंद्र; अनुसंधान एवं उद्यमिता पार्क; रोबोटिक्स प्रयोगशाला और सक्रिय सहयोगी शिक्षण कक्षाएँ शामिल हैं। इन यात्राओं ने प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी भुवनेश्वर की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। एसएसआईएफएस की ओर से डीन श्री राज कुमार श्रीवास्तव, उप-सचिव डॉ. अमृता बनर्जी और संकाय सदस्य डॉ. समा हक प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डीन (पूर्व छात्र, कॉर्पोरेट एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध) प्रो. आशीष विश्वास और संस्थान के रजिस्ट्रार श्री बामदेव आचार्य ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ संकाय सदस्य और अधिकारी उपस्थित थे।
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