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शिक्षा और संस्कार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं: प्रोफेसर(डॉ.) अच्युत सामंत संस्थापकःकीट-कीस-कीम्स,भुवनेश्वर,ओड़िशा,भारत.

भुवनेश्वर, 18 अगस्त, 2025:
भूटान के 31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें विभिन्न स्कूलों के 30 बौद्ध भिक्षु शिक्षक और शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्रालय के एक समन्वयक शामिल थे, गत सोमवार को ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कीट-कीस दो डीम्ड विश्विद्यालयों को दौरा सात-दिवसीय इमर्शन प्रोग्राम के सिलसिले में शुरू किया।
कीट द्वारा आयोजित यह ऐतिहासिक पहल प्रतिभागियों को अध्यात्म, देने की कला, करुणा और मूल्य-आधारित शिक्षा पर अपने दृष्टिकोण सीखने और साझा करने का अवसर प्रदान की। आयोजित अलग-अलग सत्रों में शिक्षा में जागरूकता, किशोरों का भावनात्मक और सामाजिक विकास, और कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
भूटान से पधारे प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, कीट-कीस-कीम्स के संस्थापक, प्रोफेसर(डॉ.) अच्युत सामंत ने “शिक्षा और संस्कार, कर्म और प्रारब्ध, और दान की कला” पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मूल्य-आधारित शिक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “शिक्षा और संस्कार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आज के समाज में, केवल उच्च शिक्षा से ही सफलता नहीं मिल सकती। सच्ची सफलता तब मिलती है जब ज्ञान के साथ मूल्य भी जुड़े हों।”

गीता, रामायण और महाभारत के उदाहरणों का हवाला देते हुए, डॉ. सामंत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दूसरों को चोट पहुँचाने से मिलने वाली खुशी अल्पकालिक होती है, जबकि व्यक्ति के कर्मों के परिणाम अनिवार्य रूप से भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने देने की कला को जीवन का एक दर्शन बताया: “देने में आनंद है। जब हम दूसरों की मदद कर सकते हैं तो जीवन सार्थक और खुशहाल हो जाता है।”

प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक शिक्षा को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान के साथ मिश्रित करने के कीट-कीस मॉडल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भूटान में पारंपरिक ज्ञान को समकालीन शिक्षाशास्त्र के साथ एकीकृत करने में मदद करेगा, जिससे भावी पीढ़ियों के लिए करुणामय, मूल्य-आधारित शिक्षा को बल और बढ़ावा मिलेगा।

इस कार्यक्रम के लिए कीट-कीस के साथ साझेदारी करने का भूटान की शाही सरकार का निर्णय शिक्षा, मानवीय सेवा और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की वैश्विक प्रतिष्ठा को स्पष्ट करता है। गौरतलब है कि आगामी छह महीनों में, कीट 200 से अधिक भूटानी प्रतिनिधियों की मेजबानी करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
अपना आभार व्यक्त करते हुए प्रोफेसर(डॉ.) सामंत ने कहा, “केआईआईटी,कीट और केआईएसएस,कीस में भूटान की शाही सरकार का विश्वास हमें करुणा, समानता और मानवीय गरिमा पर आधारित शिक्षा के माध्यम से मानवता की सेवा जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।”

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