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Year: 2025

आईआईटी भुवनेश्वर के प्रवाह -सांस्कृतिक और तकनीकी उद्यमिता वार्षिक उत्सव  का भव्यता के साथ उद्घाटनNews

आईआईटी भुवनेश्वर के प्रवाह -सांस्कृतिक और तकनीकी उद्यमिता वार्षिक उत्सव का भव्यता के साथ उद्घाटन

भुवनेश्वर, 5 अप्रैल 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर के संयुक्त सांस्कृतिक और तकनीकी उद्यमिता वार्षिक महोत्सव प्रवाह के पहले

“अच्छे लोग आपको अच्छा और बुरे लोग आपको बुरा समझते हैं।”

-अशोक पाण्डेय ——————– प्रत्येक व्यक्ति की अपनी- अपनी निजी सोच होती है। अच्छे लोग दुनिया को अच्छा समझते हैं‌ और

“स्वयं के मूल्यांकन करने की आदत अपने अंतर्मन से डालें!”

-अशोक पाण्डेय ———————– आजतक आपने अपना मूल्यांकन स्वयं न करके दूसरों के द्वारा ही किया है। ‘आप क्या हैं?’- इसको

पुत्र -मोह से बचें!

-अशोक पाण्डेय ———————– भारतीय पुरुष प्रधान समाज में पुत्र -मोह सबसे खराब और खतरनाक है। मनोविज्ञान कहता है कि एक
आईआईटी भुवनेश्वर ने ओडिशा के इतिहास और विरासत को श्रद्धांजलि देते  हुए उत्कल दिवस मनायाNews

आईआईटी भुवनेश्वर ने ओडिशा के इतिहास और विरासत को श्रद्धांजलि देते हुए उत्कल दिवस मनाया

भुवनेश्वर, 2 अप्रैल 2025: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर ने उत्कल दिवस को भव्य तरीके से मनाया। इस अवसर पर

“अगर हम न कुछ करेंगे न‌ दूसरों को कुछ भला करने देंगे। सिर्फ अच्छे काम करने वाले की टांग खींचने की संस्कृति को विकसित करेंगे तो किसी का भला नहीं होगा।”

-अशोक पाण्डेय ———————- आज के एक मात्र सामाजिक प्राणी मनुष्य की मनोवृत्ति एक संस्कार और एक नई संस्कृति के रूप

मेरा अनुभव ओड़िशा के विषय में

-अशोक पाण्डेय 1981 अगस्त से अप्रत्यक्ष रूप से और 1986 अगस्त से प्रत्यक्ष रूप से मैं ओड़िशा से जुड़ा हूं।
मामस भुवनेश्वर शाखा ने आयोजित किया गणगौड़ उत्सवNews

मामस भुवनेश्वर शाखा ने आयोजित किया गणगौड़ उत्सव

भुवनेश्वरःपहली अप्रैलःअशोक पाण्डेयः मारवाड़ी महिला समिति भुवनेश्वर शाखा की अध्यक्षा जूही अग्रवाल के नेतृत्व में राजस्थानी नव विवाहिताओं का सबसे

“भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में‌ सबसे अधिक सहायक सिद्ध होंगे -अच्छे शिक्षालय,अच्छे शिक्षक और अच्छे विद्यार्थी।”

-व्यक्तिगत सोच: अशोक पाण्डेय की। ——————— त्रेतायुग से यह यथार्थ और अनुकरणीय आदर्श व्यवस्था भारत में रही है और भारत

“अपनी कुलदेवी की पूजा का प्रचलन राजस्थान से ही आरंभ हुआ।”

-अशोक पाण्डेय ——————— आज राजस्थान दिवस है। राजस्थान वीरों की पावन भूमि है। राजस्थान किसानों की कर्म भूमि है। राजस्थान

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