दिनांक: 6 नवम्बर 2025 | समय: दोपहर 12:00 बजे | स्थान: राजभवन, भुवनेश्वर
आज बाली, इंडोनेशिया से आए प्रतिष्ठित गांधीवादी विद्वान एवं पद्मश्री सम्मानित इडा ऋषि पुत्र मनुआबा (आगुस इन्द्र उदयाना) ने ओडिशा के महामहिम राज्यपाल से राजभवन, भुवनेश्वर में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उनके साथ मेजर (डॉ.) कल्पना दास, चेयरमैन, चाइल्ड एंड वीमेन डेवलपमेंट सोसाइटी (CWDS); डॉ. चिदात्मिका खटुआ, सीईओ, सुश्रुत हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर; श्री रंजीत कर्मी और डॉ. रजनिकांत मिश्रा भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान श्री उदयाना ने प्राचीन ओडिशा की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं समुद्री धरोहर की गहरी प्रशंसा की, जो बाली, इंडोनेशिया से ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक संबंध रखती है। चर्चा का केंद्र प्राचीन समुद्री संबंधों, सांस्कृतिक परंपराओं तथा शांति, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों की उस साझा विरासत पर रहा जिसने सदियों से दोनों क्षेत्रों को जोड़े रखा है।
महामहिम राज्यपाल, जो स्वयं गांधीवादी विचारधारा और अंतर-सांस्कृतिक समझ के प्रबल समर्थक हैं, ने इस भेंट पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने श्री उदयाना द्वारा इंडोनेशिया में महात्मा गांधी के संदेश को अपने आश्रमों और सामाजिक पहलों के माध्यम से फैलाने के प्रयासों की सराहना की। महामहिम ने ओडिशा और बाली के बीच सांस्कृतिक, अकादमिक और विद्वत्तापूर्ण आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
बैठक का एक महत्वपूर्ण परिणाम “विद्वान एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम” शुरू करने का विचार रहा, जिसमें ओडिशा और इंडोनेशिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच छात्रों और शिक्षकों के सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महामहिम ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल पारस्परिक समझ को बढ़ाएंगे, बल्कि कलिंग और बाली की प्राचीन समुद्री गौरवगाथा को पुनर्जीवित कर विश्व शांति और सहयोग को भी प्रोत्साहित करेंगे।
राजभवन में बैठक के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने श्रीमती रूपा रोशन साहू, आईएएस, प्रमुख सचिव से मुलाकात की। उन्होंने इस पहल में गहरी रुचि दिखाई और प्रस्तावित सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग को आगे बढ़ाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक के दौरान रामादेवी महिला विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर में “इंडोनेशियन चेयर” स्थापित करने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच अनुसंधान, सांस्कृतिक अध्ययन और शैक्षणिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।
दोपहर बाद प्रतिनिधिमंडल ने रामादेवी महिला विश्वविद्यालय का दौरा किया, जहाँ उनका स्वागत प्रो. चंडी चरण रथ, कुलपति, और श्रीमती मनस्विनी साहू, कुलसचिव द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थागत सहयोग, संकाय आदान-प्रदान तथा भारत-इंडोनेशिया विरासत, महिला सशक्तिकरण और गांधीवादी अध्ययन पर संयुक्त संगोष्ठियों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान इंडोनेशियन चेयर की स्थापना और संबंधित सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए एक प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन और आगंतुक प्रतिनिधियों ने मिलकर इसे औपचारिक रूप देने के लिए आवश्यक शैक्षणिक और प्रशासनिक कदम शीघ्र प्रारंभ करने पर सहमति जताई।
यह भेंट ओडिशा और बाली के बीच ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई — जो कलिंग और बाली के तटों को जोड़ने वाले प्राचीन समुद्री मार्गों के माध्यम से सांस्कृतिक सद्भाव, शांति और वैश्विक भाईचारे का संदेश पुनर्जीवित करती है।
प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल, प्रमुख सचिव श्रीमती रूपा रोशन साहू तथा रामादेवी विश्वविद्यालय के कुलपति का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस साझा दृष्टिकोण को साकार करने में सहयोग और समर्थन प्रदान किया।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और भारत-इंडोनेशिया मित्रता को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।








