


भुवनेश्वर, 14 दिसंबर: कीट- कीस परिसर में आयोजित चार दिवसीय वॉलीबॉल महाकुंभ का आज समापन हो गया । यह आयोजन ओडिशा में वॉलीबॉल के प्रचार-प्रसार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ। कीट–कीस और अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (FIVB) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस मेगा इवेंट का उद्घाटन शनिवार को रंगारंग समारोह के साथ किया गया था, जिसे लगभग 40,000 छात्रों ने देखा। इस अवसर पर एफआईवीबी के अध्यक्ष फैबियो अजेवेदो की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को वैश्विक महत्व प्रदान किया। 11 से 14 दिसंबर तक आयोजित वॉलीबॉल महाकुंभ, कीक-कीस की प्रमुख कन्या किरण पहल के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर खेलों का विकास करना है। आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए फैबियो अजेवेदो ने कहा कि यह पहल खेल के माध्यम से समावेशी विकास और लैंगिक समानता के प्रति एफआईवीबी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने घोषणा की कि प्रतिष्ठित एफआईवीबी बीच प्रो टूर का आयोजन वर्ष 2026, 2027 और 2028 में लगातार तीन वर्षों तक ओडिशा में किया जाएगा, जिसमें केआईआईटी और किस भागीदार होंगे। उन्होंने कहा कि ओडिशा का अनुकूल खेल वातावरण तथा कीस – कीस द्वारा विकसित व्यापक आधारभूत संरचना इसे अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल आयोजनों के लिए आदर्श स्थल बनाती है। कन्या किरण पहल के अंतर्गत इस आयोजन के दौरान ओडिशा, भारत के अन्य हिस्सों तथा विदेशों से आई महिला वॉलीबॉल कोचों के लिए कई कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महिला कोचों को प्रशिक्षित और सशक्त बनाना था, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर सकें। कार्यक्रम में ओडिशा से 500 से अधिक प्रतिभागियों तथा भारत और विश्वभर से 200 से अधिक कोच, खिलाड़ी और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस पहल से दीर्घकाल में 50,000 से अधिक वॉलीबॉल खिलाड़ियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध वॉलीबॉल कोच जॉन केसल और जाना कुलान ने प्रशिक्षण सत्रों का नेतृत्व किया। इन सत्रों में कोर्ट पर व्यावहारिक कोचिंग, उन्नत कौशल विकास मॉड्यूल, कोच-शिक्षा कार्यशालाएँ तथा जनभागीदारी कार्यक्रम शामिल थे। ये सत्र कीट- कीस परिसरों के चार प्रमुख इनडोर कोर्ट और 40 से अधिक आउटडोर कोर्ट में आयोजित किए गए। इस अवसर पर कीट- कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने कहा कि एफआईवीबी के साथ सहयोग से ओडिशा को विश्वस्तरीय वॉलीबॉल विशेषज्ञता का लाभ मिला है। उन्होंने कहा, “इन कार्यशालाओं के माध्यम से हजारों लड़कियों और महिलाओं को वॉलीबॉल की परिवर्तनकारी शक्ति का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।” आयोजन के दौरान वॉलीबॉल की शिक्षा में भूमिका, सामाजिक परिवर्तन और युवा सशक्तिकरण, खेल का जमीनी स्तर पर विकास, तथा महिला सशक्तिकरण और समानता से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र और पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। प्रमुख वक्ताओं में फैबियो अजेवेदो, डॉ. अच्युत सामंत, अभिजीत बी., ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा, जॉन केसल और जाना कुलान शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान एफआईवीबी, कीट और कीस के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। फैबियो अजेवेदो ने डॉ. सामंत की उपस्थिति में एफआईवीबी–केआईआईटी/किस उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया तथा एक नए स्पोर्ट्स ज़ोन का शुभारंभ किया, जिससे वैश्विक वॉलीबॉल मानचित्र पर ओडिशा की स्थिति और सुदृढ़ हुई।








