प्राणनाथ का पूरा जीवन सेवा और संघर्ष के लिए समर्पित था
भुवनेश्वर, 5 अक्टूबर: क्रांतिकारी प्राणनाथ पटनायक का पूरा जीवन सेवा और संघर्ष के लिए समर्पित था। समाज के असंख्य गरीब और उपेक्षित लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए उन्होंने जीवनभर संघर्ष किया। यह बात राज्यस्तरीय स्मृति समारोह में उपस्थित विशिष्ट व्यक्तियों ने कही। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से प्राणनाथ के सेवा, त्याग और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानी, साम्यवादी एवं किसान आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक, शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षाविद्, साहित्यकार, विधायक तथा क्रांतिकारी प्राणनाथ पटनायक की 56वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जयदेव भवन में स्मृति समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने स्वतंत्रता संग्राम में प्राणनाथ के उल्लेखनीय योगदान पर चर्चा की और उनकी अमर स्मृति को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वर्गीय पटनायक को क्रांतिकारी चेतना के अग्रदूतों में से एक बताते हुए उनकी समर्पित जनसेवा तथा शिक्षा के प्रसार के लिए किए गए अथक प्रयासों की प्रशंसा की।
समारोह में ‘आम ओडिशा’ और ‘संबाद’ के अध्यक्ष सौम्यरंजन पटनायक ने मुख्य वक्ता के रूप में प्राणनाथ के क्रांतिकारी एवं कर्ममय जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में KIIT और KISS के संस्थापक तथा शिक्षाविद् डॉ. अच्युत सामंत, लोकसेवक मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मालवीय तथा ओडिशा के एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने प्राणनाथ की जनसेवा, राज्य में शिक्षा के प्रसार के लिए उनके समर्पित प्रयासों तथा साहित्य साधना पर विभिन्न दृष्टिकोणों से चर्चा की।
स्मृति समिति की अध्यक्ष तथा प्रसिद्ध लेखिका डॉ. अर्चना नायक ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि समिति के सचिव एवं वरिष्ठ सिने-समीक्षक दिलीप हाली ने विवरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए पाँच विशिष्ट व्यक्तियों को ‘प्राणनाथ सम्मान-2026’ प्रदान किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में इतिहासकार एवं शोधकर्ता प्रोफेसर बसंत कुमार मल्लिक, वरिष्ठ नाटककार एवं मीडिया व्यक्तित्व गोपीनाथ बारिक, शिक्षाविद् डॉ. बिंदुश्री मिश्रा, लोकप्रिय अभिनेत्री सूर्य्यमयी महापात्र तथा लेखिका एवं अनुवादिका रत्नमाला स्वाईं शामिल हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मृत्युंजय रथ ने किया।
पाँच व्यक्तियों को ‘प्राणनाथ सम्मान-2026’ प्रदान











