“मां”
-अशोक पाण्डेय
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“मां”जन्मदात्री है। मां नवजात शिशु की प्रथम गुरु है।मां पहला व्यावहारिक सद्ग्रंथ है। मां प्रथम गुरुकुल है। मां आपके सफलतम जीवन की प्रेरणा है।
इसीलिए आप अपने कर्म और धर्म से मां की सेवा करें!
आज
आपका सम्मान फूलों की खुशबू की तरह चारों तरफ फैले!
-अशोक पाण्डेय
“मां”











