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भुवनेश्वर के घर-घर में हुई सावन के तीसरे सोमवार को भगवान शिव की पूजा

भुवनेश्वरः9अगस्तःअशोक पाण्डेयः
09अगस्त को एक तरफ जहां राजधानी भुवनेश्वर के सभी शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना महारुद्राभिषेक के साथ हुई वहीं भुवनेश्वर के घर-घर मंर सावन के तीसरे सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना तथा उनका महारुद्राभिषेक आदि हुआ। भुवनेश्वर ओमनिवास पर श्रीमती साधना डालमिया ने आज अखण्ड शिवव्रत रखकर लगभग तीन घण्टे तक भगवान शिव की विधिवत पूजा की। उसके पूर्व उन्होंने अपने गृह मंदिर के सभी देवी- देवताओं को गंगाजल से अभिषेक कराया। शिवलिंग पर गंगा जल और दूध चढ़ाया। भगवान शिव को पुष्प अर्पित किया। तीनपत्रोंवाला बेल पत्र चढाया। आरती कीं और भोग लगाया। उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह आज भी सुबह उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर नूतन वस्त्र धारणकर निराहार और निराजल रहकर एकाग्र मन से अपने गृहमंदिर पूजक पण्डित वेणुधर मिश्रा से सावन महात्म्य की कथा सुनीं।बाबा भोलेनाथ का गंगाजल से महारुद्राभिषेक किया। ब्राह्मण को भोजन कराया तथा उन्हें यथोचित दान-दक्षिणा दिया। श्रीमती डालमिया ने यह भी बताया कि उनके स्वामी उद्योगपति श्री सुरेन्द्र कुमार डालिमया बहुत बडे जगन्नाथ भक्त,शिवभक्त,राणीसती दादी मां भक्त तथा खाटुनरेश भगवान भक्त हैं जिनकी प्रेरणा से वे बुढापे में भी पूजा-पाठ कर लेतीं हैं। यह सबकुछ उन्हीं की प्रेरणा है। गौरतलब है कि श्री सुरेन्द्र कुमार डालमिया 1980 के दशक से ही सावन के महीने में कटक से कांवड में जल लेकर आते थे तथा भुवनेश्वर महाप्रभु लिंगराज मंदिर जाकर जलाभिषेक करते करते थे। सच तो यह भी है कि सावन के तीसरे सोमवार को भुवनेश्वर कटक रोड गुप्ता केबुल्स परिवार,नयापली श्री सुभाष अग्रवाल परिवार, मधुसूदननगर श्री पवन गुप्ता परिवार,झारपाडा श्री सुरेश कुमार अग्रवाल परिवार,श्री शिवकुमार अग्रवाल परिवार तथा बीजेबीनगर श्री रोहित सराफ परिवार में भी आज सावन के तीसरे सोमवार को भगवान शिवशंकर की पूजा हुई। गौरतलब है कि यह सावन के सोमवार की शिव की पूजा त्याग और सतत साधना का प्रतीक है जिसे अपनाने से कलियुग के सभी पाप स्वतः दूर हो जाते हैं।आज के दिन सच्चे शिवभक्त उद्योगपति श्री सुरेन्द्र कुमार डालमिया ने बताया कि उनके घर के भगवान शिव साक्षात पशुपति नाथ होते हैं। भगवान शालीग्राम होते हैं जिनकी पूजा साल के 365 दिन ब्रह्मा,विष्णु तथा महेश के रुप में होती है।सबसे बडी बात यह कि उनके घर के पशुपति नाथ का महारुद्राभिषेक प्रतिदिन गंगाजल,दूग्ध,घी,दही,मधु,पूर्ण फल नारियल,नारियल पानी और तीन पत्तोंवाले वेलपत्र आदि से होता है जो समस्त शिवभक्तों के लिए प्रेरणा है।वहीं अनन्य शिवभक्त श्री पवन गुप्ता ने बताया कि वे प्रतिवर्ष सावन के महीनें में महारुद्राभिषेक कराते हैं जो इस वर्ष भी झारपाडा श्री श्याममंदिर में तथा अपने घर में बडे ही निःस्वार्थभाव से कराते हैं।
अशोक पाण्डेय

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