


भुवनेश्वरः01अप्रैल:अशोक पाण्डेयः
परमपाद स्वामी सर्वप्रियानन्द जी ,न्यूयार्क वेदांत सोसायटी के आध्यात्मिक नेता द्वारा हाल ही में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय,भुवनेश्वर,ओडिशा में आध्यात्मिक नालेज ट्री लेक्चर दिया गया। गौरतलब है कि कीट द्वारा नालेज ट्री लेक्चर का आयोजन नियमित रुप से अपने विश्वविद्यालय में कार्यरत शीर्ष अधिकारियों,संकाय सदस्यों तथा छात्र-छात्राओं के आध्यात्मिक विकास के लिए आयोजित किया जाता है। परमपाद स्वामी सर्वप्रियानन्द जी ने बताया कि भारत, अमरीका तथा सभी विकसित देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिसका सीधा प्रभाव युवाओं पर पड रहा है जो किसी भी देश के भावी भविष्य हैं। कीट-कीस के अवलोकन के उपरांत स्वामीजी ने अपनी अनुभूति में बताया कि कीट-कीस के प्राणप्रतिष्ठाता तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रोफेसर अच्युत सामंत वास्तविक संत हैं जिन्होंने समाज के सबसे उपेक्षित आदिवासी समुदाय के अनाथ बच्चों के लिए विश्व का प्रथम तथा सबसे बडा आदिवासी आवासीय डीम्ड विश्वविद्यालय खोलकर उनको निःशुल्क केजी से पीजी कक्षा तक पढाकर ,उनका सर्वांगीण विकास कर उनको समाजसेवा के लिए तैयार करते हैं। स्वामीजे ने यह भी बताया कि वास्तव में हर्वट विश्वविद्यालय,अमरीका की तरह कीट-कीस भी वास्तविक तीर्थस्ल है। उन्होंने कीट-कीस के युवाओं को अपना आशीष देते हुए जीवन में खुशी और आनन्दपूर्वक जीवनयापन का का संदेश दिया। युवाओं के लिए आध्यात्मिकता की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रोफेसर अच्युत सामंत को वास्तविक संत कहकर संबोधित किया जिनका पूरा जीवन आध्यात्मिक है। वे पिछले लगभग 26सालों से श्री जगन्नाथपुरी जाकर प्रतिमाह के प्रथम दिवस पर भगवान जगन्नाथ के प्रथम दर्शन करते हैं और मानवसेवा को माधवसेवा मानकर अपना विदेह जीवन व्यतीत करते हैं।वहीं प्रोफेसर अच्युत सामंत ने बताया कि स्वामीजी ओडिशा के रहनेवाले हैं जिन्होंने 1994 में रामकृष्ण मठ को अपनाया तथा 2004 में संन्यास लिया। ये वेदांत के सबसे बडे ज्ञाता हैं जिनका आशीर्वाद कीट-कीस-परिवार को मिला ।
अशोक पाण्डेय








