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एक व्यक्ति की सच्ची पहचान है : उसका आचरण, भोजन, वाणी और अति सामान्य जीवन शैली।

व्याख्या: अशोक पाण्डेय —————– हमारे वेद, पुराण, उपनिषद्, रामायण, महाभारत, गीता एवं समस्त सद्ग्रंथ आदि में एक व्यक्ति के लिए
मारवाड़ी सोसायटी भुवनेश्वर की कार्यकारिणी की अहम बैठक में होली समारोह के आयोजन पर लिया गया निर्णयNews

मारवाड़ी सोसायटी भुवनेश्वर की कार्यकारिणी की अहम बैठक में होली समारोह के आयोजन पर लिया गया निर्णय

भुवनेश्वर,07 जनवरी, अशोक पाण्डेय: स्थानीय मारवाड़ भवन में मारवाड़ी सोसायटी भुवनेश्वर के अध्यक्ष संजय लाठ की अध्यक्षता में कार्यकारिणी की
मराठी लेखक डॉ. ज्ञानेश्वर मुले नीलिमारनी साहित्य सम्मानः2025 से सम्मानितNews

मराठी लेखक डॉ. ज्ञानेश्वर मुले नीलिमारनी साहित्य सम्मानः2025 से सम्मानित

भुवनेश्वरः07 जनवरीः अशोक पाण्डेयः गत रविवार को कीट कंवेशन सेंटर पर कादम्बिनी साहित्य महोत्सव 2025 का शानदार आयोजन हुआ जिसमें
आज शाम का सुविचार: आप क्या हैं? क्यों हैं? कैसे हैं? किसके लिए हैं?News

आज शाम का सुविचार: आप क्या हैं? क्यों हैं? कैसे हैं? किसके लिए हैं?

मौलिक विचार: अशोक पाण्डेय ——————– मान्यवर, जय जगन्नाथ! अंग्रेजी नववर्ष का आज चौथा दिन है। आज ओड़िया कादंबनी के वार्षिक

“चार धामों के इष्टदेव जगन्नाथ जी हैं।”

-अशोक पाण्डेय ————— भारत के चार धाम हैं: बदरीनाथ, द्वारकानाथ, जगन्नाथ धाम और रामेश्वर नाथ अर्थात् रामेश्वरम। इन चारों धामों
डॉ. तापस कुमार पट्टनायक ने नालको के निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार संभालाNews

डॉ. तापस कुमार पट्टनायक ने नालको के निदेशक (मानव संसाधन) का पदभार संभाला

भुवनेश्वर, 02/01/2025: डॉ. तापस कुमार पट्टनायक ने आज खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न कंपनी नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड
नव वर्ष के उपलक्ष्य में‌ सत्संग ज्ञान यज्ञ आयोजितNews

नव वर्ष के उपलक्ष्य में‌ सत्संग ज्ञान यज्ञ आयोजित

भुवनेश्वर:01जनवरी: अशोक पाण्डेय: प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष 2025 में‌ उत्तराखण्ड ऋषिकेश से पधारे सद्गुरु व्यासानंद जी महाराज जी ने

*”ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं” कवि: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ” दिनकर “

ये नव वर्ष हमें स्वीकार नहीं है, अपना ये त्यौहार नहीं है अपनी ये तो रीत नहीं है अपना ये

वर्ष:2025 के लिए

दो का सबसे अधिक ध्यान रखें:- धीरज और विवेक का। राजा जनक जो विदेह थे फिर भी धीरज खो दिए।

“जीवन जीना भी एक कला है। जीवन में जिसने नवीनता को न अपनाया तो उसका जीवन नरक के समान है।”

-अशोक पाण्डेय 28 दिसंबर,2024 ——————- गुरु वसिष्ठ ने श्रीराम और उनके भाइयों को नवीनता को अपनाने का संदेश दिया। शांतिदूत

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