दूसरों की कामयाबी से कभी ईर्ष्या न करें!
जीवन एक ऐसा संघर्ष है जो आपके अन्त:करण और बाहर प्रत्येक क्षण चलता है।आप अपने सत्कर्मों से स्थाई खुशी प्राप्त कर सकते हैं। मनोविज्ञान कहता है कि प्रत्येक मनुष्य को प्रसन्न रहने के लिए अपने मन, बुद्धि और विवेक का सहारा लेना चाहिए जो कभी भी ईर्ष्या से नहीं मिल सकता है।
जय जगन्नाथ!
-अशोक पाण्डेय
दूसरों की कामयाबी से कभी ईर्ष्या न करें!










