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महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत के वास्तविक जीवन-दर्शन ‘आर्ट ऑफ गिविंग 2026’ की थीम:

‘साझा करो, चमको ‘
के तहत बिहार प्रदेश के जिलाःबक्सर के गांवःगोप भरौली में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान यज्ञ अनुष्ठित सुप्रसिद्ध कथाव्यास आचार्यश्री मारुतिनंदन जी महाराज ने अपनी कथा में देने की कला की इस वर्ष की थीमः ‘साझा करो, चमको ‘के व्यक्तिगत और सामाजिक महत्त्व को रेखांकित करते इसे एक उपयोगी सामाजिक आंदोलन बताया और कथा आयोजक अशोक पाण्डेय की उन्मुक्त कण्ठ से सराहना की। 25मार्च,2026 को जैसे ही कीट-कीस-कीम्स के प्राणप्रतिष्ठाता तथा अपने वास्तविक जीवन दर्शनःआर्ट ऑफ गिविंग के जन्मदाता महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत ने 2026 वर्ष के आर्ट ऑफ गिविंग की थीम उद्घोषित की वैसे ही उनके हिन्दी सलाहकार अशोक पाण्डेय ने अपने पैतृक गांवःगोप भरौली,जिलाःबक्सर,प्रदेशःबिहार में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान का सफल आयोजन कराया।यहां पर सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि 17मई,2013 को जब प्रोफेसर अच्युत सामंत बैंगलुरु जा रहे थे तो यह विचार उनके मन में आया कि उनको समाज ने जो कुछ भी देकर महान् शिक्षाविद् बनाया है उसके प्रति अब कृतज्ञ होने का समय आ गया है और तत्काल उन्होंने ‘आर्ट ऑफ गिविंग’ को अपने वास्तविक जीवन का दर्शन बना लिया।गौरतलब है कि ऑर्ट ऑफ गिविंग अपनी 2013 की सफल यात्रा कर अन्तर्राष्ट्रीय स्वरुप ले चुका है जिसे दुनिया के लगभग 120 देशों के लोग प्रतिवर्ष स्वेच्छा से प्रतिवर्ष 17 मई को अन्तर्राष्ट्रीय ऑर्ट ऑफ गिविंग दिवस मनाते हैं।अब तो ओड़िशा के साथ-साथ पूरा भारत और दुनिया भर के लोग उसे शांति, खुशी, मित्रता और सद्भाव का सबसे सशक्त सामाजिक आंदोलन मानते हैं।यह निर्विवाद रुप से सच है कि अन्तर्राष्ट्रीय ऑर्ट ऑफ गिविंग सहज,सरल और शक्तिशाली सामाजिक आंदोलन है जिसकी पुष्टि सुप्रसिद्ध श्रीमद् भागवत कथा व्यास आचार्य श्री मारुतिनंदजी महाराज ने अपनी कथा-व्याख्या द्वारा स्पष्ट की।उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति दूसरों के साथ कुछ भी साझा करता है, चाहे वह ज्ञान हो, भोजन हो, दया हो, करुणा हो,सहानुभूति हो,सेवा हो तो उससे न केवल सामने वाले को खुशी मिलती है बल्कि देने वाले को भी आंतरिक संतोष और खुशी मिलती है। “यह खुशी देने वाले के चेहरे पर सआप झलकती है और उसे चमक प्रदान करती है। मशहूर कथा व्यास आचार्य मारुति नंदन जी महाराज का उनकी कथा के माध्यम से संदेश: सत्कर्म करते हुए नारायण की सच्ची भक्ति में अपने आप को लीन रखें!व्यावहारिक ज्ञान को जीवनोपयोगी बनाएं!दिव्य गुरु कृपापात्र बनें!सत्संग का सहारा लेकर नारायण के लौकिक और अलौकिक लीलाओं के प्रतिदिन दर्शन करें!श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन कराएं! समस्त श्रोतागण पूरे आत्मविश्वास के साथ कथा श्रवण करें! साथ ही साथ आजीवन अपने परिवार को,अपने पड़ोसियों को,अपने मित्रों को,सहपाठियों को, ,समाज को,राष्ट्र को सेवा, सद्भाव, प्रेम,भाईचारा,करुणा,दया,सहानूभूति,आर्थिक सहयोग और आत्मीयता दें। सच कहा जाय तो अशोक पाण्डेय जैसे पूरी दुनिया में प्रोफेसर अच्युत सामंत के करोड़ों ऐसे अनुयायी हैं जो प्रोफेसर सामंत को अपना आदर्श मानकर प्रतिवर्ष अन्तर्राष्ट्रीय ऑर्ट ऑफ गिविंग दिवस 17 मई को अनेकानेक रुपों में मनाते हैं।
-अशोक पाण्डेय

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