-अशोक पाण्डेय सृष्टि में भगवान शिव-शंकर और आदिशक्ति देवी पार्वती के शुभ विवाहोत्सव दिवस को महाशिवरात्रि कहते हैं।ओड़िशा की राजधानी
दुनिया के अकेले व्यक्ति आप हैं जिन्होंने अपनी कामयाबी का लक्ष्य स्वयं चुना। स्वयं उस रास्ते पर चले हैं। उसके
भुवनेश्वर, 4 फरवरी: कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (कीस) के दस छात्र रोमानिया में आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में
आपका जीवन -प्रबंधन और समय- नियोजन उत्कृष्ट है। आप अपने जीवन में पूर्व दिशा का अधिक से अधिक प्रयोग करें!
जय जगन्नाथ! आज दो फरवरी है। आज से फाल्गुन मास आरंभ हो रहा है जो आगामी तीन मार्च तक चलेगा।
आपकी जानकारी के लिए -इस संसार में मेहमान दो हैं: धन और यौवन। सहनशील दो हैं:धरती और पेड़। हठी दो
स्थानीय अनुज पुस्तकालय में पहली फरवरी को सायंकाल शायर स्वर्गीय गोपाल कृष्ण सिंह की श्रद्धांजलि दी गई। गौरतलब है कि
————- आप सहनशील हैं। धैर्यवान हैं । अपना आत्मनिरीक्षण करते हैं और अपने में सुधार करते हैं। आप हमेशा सीखने
-अशोक पाण्डेय यह कहना कोई अतिशयोक्ति की बात नहीं होगी कि भगवान शिव ने सम्पूर्ण भारत को जोड़ा है।मर्यादा पुरुषोत्तम
भुवनेश्वरः29जनवरीःअशोक पाण्डेयः स्थानीय झारपाड़ा श्रीश्याम मंदिर में सायंकाल जया एकादशी आयोजित हुई। अवसर पर भजन-पूजन के साथ भजनसंध्या भी आयोजित












