भारतवर्ष में कुल 33 प्रकार के सनातनी देवी -देवतागण हैं। ये एक ही सर्वोच्च सत्ता नारायण जी के अधीन हैं।
“मिले जब राम सीता से टहलते समय फुलवारी में,सीता को राम प्यारे लगे,राम को लगी सीता प्यारी।”-यही नहीं, कलियां भी
अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक परमपूज्य मोरारी बापू जी के अनुसार: वास्तव में पंचतीर्थ हैं: शब्द, स्पर्श, रुप,रस और गंध। बापू यह भी
” श्रद्धा और प्रेम क्या है? “- हिन्दी समीक्षक यह मानते हैं कि श्रद्धा और प्रेम में बहुत अंतर है।
– अशोक पाण्डेय शाश्वत भारतीय संस्कृति तथा संस्कारों का महापर्व दीपावली ही है।इसे दीवाली तथा दीपोत्सव भी कहा जाता
जय जगन्नाथ! ———— आज पवित्रतम कार्तिक मास का पहला दिन है। इसलिए आप आज से इस मास में प्रतिदिन सुबह
महोदय/महोदया! 27 अक्टूबर से पवित्रतम कार्तिक मास आरंभ होने जा रहा है जो पूरी तरह से देवत्व का मास है,शुभ
दिनांक २५/१०/ २०२६ रविवार को द सैफरन होटल में विश्वास महिला समिति की आम सभा में लगातार दूसरी बार
आज शरद पूर्णिमा है,पवित्रतम पूर्णिमा। आज की रात चन्द्रदेव अपनी 16वों कलाओं से सुसज्जित होंगे। कहते हैं कि आज शरद
नदियां जब समन्दर से मिलती हैं तो मिलने से पहले डरकर बहुत शोर करतीं हैं ,फिर उन्हें अचानक क्या होता











