भारतवर्ष में कुल 33 प्रकार के सनातनी देवी -देवतागण हैं। ये एक ही सर्वोच्च सत्ता नारायण जी के अधीन हैं। दीवाली में मुख्य रूप से गणेश जी की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि वे नेतृत्वकर्ता हैं। ठीक इसी प्रकार, भगवती लक्ष्मी जी नारायण जी की शक्ति हैं। लक्ष्मी जी हमें समृद्धि, संतुलन और सामंजस्य प्रदान करती हैं।इसी प्रकार अन्य देवी- देवताओं की विविधत पूजा का भी विधान है।
‘श्रीरामचरितमानस’
की सर्वोत्तम समीक्षा बताती है कि अगर किसी सनातनी व्यक्ति को सभी प्रकार के आनंद प्राप्त करना हो तो उसे अधिक से अधिक आनंद को वितरित करना होता है।यह आनंद सगुण और निर्गुण दोनों प्रकार का होता है।
मैं यह कामना करता हूं कि दुनिया आपकी हमेशा जय-जयकार करे!
-अशोक पाण्डेय
भारतवर्ष में कुल 33 प्रकार के सनातनी देवी -देवतागण हैं।








