महाप्रभु पुरुषोत्तम की जय हो! हमारे मनुष्य शरीर का सत्तर फीसदी हिस्सा जल है और जल की राशि सूर्य हैं
भगवान शिवशंकर की जय हो! “सत्य ही शिव है और शिव ही सुन्दर है।”-यह शाश्वत संदेश है भगवान शिव शंकर
मेरा यह व्यक्तिगत अनुभव है कि आपका स्वभाव उत्तम है और व्यवहार प्रिय है।आप अभिमान रहित और विनयशील हैं।आप संवेदनशील
हमसब का मनुष्य जीवन एक परीक्षा स्थल है। इस परीक्षा में हमसब प्रतिपल परीक्षा देते हैं और पास फेल होते
भारत के अन्यतम धाम श्री जगन्नाथ पुरी धाम के गजपति महाराजा (राजाओं के राजा) श्री श्री दिव्य सिंहदेव जी महाराज
हमारा मनुष्य जीवन भगवान पुरुषोत्तम की अमूल्य संपत्ति है। इस संपत्ति का उपयोग बहुत सोच-समझकर, धीरज और शांतचित्त से अपने
—————— पौराणिक मान्यता के आधार पर संत वह होता है जो अपने इष्टदेव पुरुषोत्तम; जगन्नाथ की रोचक कथा का नित्य
आज पुरुषोत्तम मास/ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।ऐसे में, कृतज्ञ बनकर और मन, वचन और कर्म से
मान्यवर,यह पुरुषोत्तम मास है। इसीलिए अपने मन में किसी के प्रति शत्रुता की गांठ न रखें! हो सके तो नारायण
“जीवन में विद्या अर्जन का वास्तविक महत्त्व क्या है?”-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय द्वारा. ——————— वैसे तो भगवान नारायण जी ने नर-नारी

















