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स्कन्द पुराण के अनुसार अवंती नरेश इंद्रद्युम्न नीलाचल आकर सबसे पहले भगवान नृसिंह के दर्शन किए थे। वे एकाम्र क्षेत्र में आकर महाप्रभु कोटि लिंगेश्वर के भी दर्शन किए।पुष्ट प्रमाणों के अनुसार , महाप्रभु लिंगराज ने ही अवंती नरेश इंद्रद्युम्न को सबसे पहले भगवान नृसिंह का दिव्य संदेश दिया था। महर्षि नारद ने भी अवंती नरेश को श्रीक्षेत्र के उत्तर दिशा के श्रद्धाबाली में अश्वमेध यज्ञ के आयोजन का दिव्य संदेश दिया था। विश्वकर्मा जी ने चतुर्धा देवविग्रहों का निर्माण किया था। यही नहीं, श्रीमंदिर के मुक्तिमण्डप के समीप एक मंदिर है जिसमें आदि नृसिंह की पूजा आज भी होती है।
-अशोक पाण्डेय
नृसिंह भगवान ही श्री जगन्नाथ भगवान के आदि स्वरूप हैं।










