शांतिदूत श्रीकृष्ण की सेना नारायणी सेना थी। उनके दो रथ थे: गरुड़ध्वज और जैत्र।
रथों का निर्माण विश्वकर्मा ने किया था।
आप भी अपने जीवन में सकारात्मक आशा रूपी रथ पर विराजमान हैं। इसीलिए
आज आपका मंगल ही मंगल होगा।
-अशोक पाण्डेय

शांतिदूत श्रीकृष्ण की सेना नारायणी सेना थी। उनके दो रथ थे: गरुड़ध्वज और जैत्र।
रथों का निर्माण विश्वकर्मा ने किया था।
आप भी अपने जीवन में सकारात्मक आशा रूपी रथ पर विराजमान हैं। इसीलिए
आज आपका मंगल ही मंगल होगा।
-अशोक पाण्डेय