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जगन्नाथ संस्कृति में पंचरात्र क्या है?

-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय
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जगन्नाथ संस्कृति ही वास्तविक रूप में ओड़िया संस्कृति है जो भारतीय संस्कृति की पर्याय है। पिछले लगभग चालीस वर्षों से यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है। आमतौर पर ‘रात्रि’ या ‘रात्र’का अर्थ रात से माना जाता है लेकिन जगन्नाथ संस्कृति में इसका अर्थ ‘ज्ञान’ होता है। जगन्नाथ के विषय में ज्ञान।ये रात्र(ज्ञान) हैं:
भगवान जगन्नाथ का स्वरूप ज्ञान।
भगवान जगन्नाथ का महिमा ज्ञान।
भगवान जगन्नाथ का रूप ज्ञान।
भगवान जगन्नाथ की अनेकानेक लीलाओं का ज्ञान।
और
श्रीक्षेत्र/पुरुषोत्तम क्षेत्र/शंख क्षेत्र आदि का ज्ञान।
मान्यवर,पुरुषोत्तम मास में आपसभी के
जीवन के प्रत्येक क्षण की मैं मंगल कामना करता हूं।
-अशोक पाण्डेय

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