

भुवनेश्वरः28 मईःअशोक पाण्डेयः
पुरुषोत्तम मास में स्थानीय श्रीश्याम मंदिर सेवा ट्रस्ट,झारपाड़ा के सौजन्य से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था।कथा 21 मई से 27 मई तक चली। कथाव्यास पण्डित सूर्यदेव द्विवेदी ने श्रीमद् भागवत कथा-महात्म्य से लेकर नारायण के सभी अवतारों,उनकी नवधा भक्ति,कलियुग में सनातन धर्म की महत्ता,श्रीराम-श्रीकृष्ण जन्मोत्सव,उनकी बाल लीलाओं,गोवर्धन पूजा,महारास तथा सुदामा चरित आदि की सरल कथा व्यासपीठ से प्रतिदिन अपराह्नः4.00 बजे से लेकर सायंकालः7.30 बजे तक सुनाई। कथा की संयोजिका मंजु अग्रवाल के अनुसार यह पहला ऐसा आयोजन था जिसमें प्रत्येक समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन को पूरी तरह से सफल बनाया।27 मई की शाम जब कथा विराम ली उस वक्त का दृश्य अत्यंत आनंददायक था। सभी माताएं-बहनें कथावाचक के संदेश को ग्रहण करतीं और व्यासपीठ पर उनका सम्मान करतीं नजर आईं। सभी ने आमंत्रित नर्तक के संग पूरी भागवत कथा मण्डली का आदर-सत्कार किया। गौरतलब है कि कथा विराम का दिवस पद्मिनी एकादशी था जिसके लिए स्थानीय स्टील के प्रमुख कारोबारी परमेश्वर लाल-शकुंतला पोद्दार, दीपक-शालु पोद्दार,अभिषेक-करिश्मा पोद्दार ने अपनी ओर से भण्डारे का आयोजन किया गया था। सात दिवसीय कथा को पूर्णरुपेण सफल बनाने में मंदिर सेवा ट्रस्ट के सचिव सुरेश अग्रवाल,अध्यक्ष पवन गुप्ता,संयोजिका मंजु अग्रवाल,मनीष,आशीष,गोविंद,साकेत,श्रेयांश,मंदिर से नंदू पण्डित समेत सभी पण्डितों और सहयोगियों आदि ने सहयोग दिया।
-अशोक पाण्डेय











