
भुवनेश्वर:26 सितंबर: अशोक पाण्डेय:
स्थानीय अनुज हिन्दी पुस्तकालय में हिन्दी पखवाड़ा:2026 के उपलक्ष्य में तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर ओड़िया- हिन्दी स्वरचित कविता पाठ का सफल आयोजन किया गया।
पुस्तकालय के संयुक्त सचिव अशोक पाण्डेय ने आयोजन की प्रारंभिक जानकारी देते हुए यह बताया कि खड़ी बोली हिन्दी के जन्मदाता भारतेंदु हरिश्चंद्र ने मात्र 13 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ आकर महाप्रभु जगन्नाथ का दिव्य आशीर्वाद ग्रहण किया। पाण्डेय ने यह भी बताया कि अनुज हिन्दी पुस्तकालय के मुख्य संरक्षक सुभाष चन्द्र भुरा ने इस हिन्दी पुस्तकालय को लोकार्पित कर ओड़िया- हिन्दी कवियों को एक मंच प्रदान कर ओड़िया -हिन्दी भाषा -भाषी तथा साहित्यकार एक साथ रहें और साथ साथ आगे बढ़ें। सुभाष चंद्र भुरा ने बताया कि उन्हें इस बात की खुशी है कि आज अनुज हिन्दी पुस्तकालय के कवि और कवयित्रीगण अपनी रचनाओं के माध्यम से पूरे ओड़िशा में पुस्तकालय का मान बढ़ा रहे हैं। पुस्तकालय के सचिव सह मंच संचालक कवि किशन खण्डेलवाल ने आमंत्रित सभी का स्वागत किया और सभी कवि कवयित्रियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनको अपनी -अपनी स्वरचित कविता पाठ का मौका दिया। कविता का मुख्य विषय रहा:नारी, सौंदर्य, प्रेम और समसामयिक ज्वलंत विषय। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और ओड़िशा के ढेंकानाल के कवयित्रियों की उपस्थिति और उनका कविता पाठ अति प्रशंसनीय रहा। कार्यक्रम लगभग साढ़े तीन घंटे चला।
अंत में, सभी ने सामूहिक रूप से अल्पाहार ग्रहण किया। आयोजित कविता पाठ हिन्दी पखवाड़ा 2026 के लिए यादगार रहा।
अशोक पाण्डेय










