जय जगन्नाथ!
मान्यवर,आप भी अपने जीवन को विदेह राजा जनक की तरह बनाएं! आप भी अपने जीवन में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना एक सच्चा शिक्षक मानें!
आपकी जो सही और आपमें वास्तविक सुधार के लिए आपकी कमजोरियों को जो बताता है वह आपका सबसे बड़ा शिक्षक है। मान्यवर, श्राद्ध पक्ष चल रहा है इसलिए आपका दान-पुण्य अवश्य करें!
-अशोक पाण्डेय











