अच्छे और नि: स्वार्थी समाज सेवियों के लिए एक सुविचार:
————-
जब सारी दुनिया सोती हो तब आप ब्रह्म मुहूर्त में अवश्य जगें!
अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर अपने इष्टदेव की पूजा-अर्चना अवश्य करें!
अपने शरीर,मन, बुद्धि, विवेक और मस्तिष्क को एकाग्र कर सकारात्मक सोच के साथ नि: स्वार्थी जनसेवा और समाज सेवा के कामों को सही आकार दें!
मान्यवर,यही काम नित्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम 14 वर्षों तक अपने वनवासी जीवन व्यतीत करने के दौरान किया था। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जंगलों में रहने वाले सभी के कल्याण हेतु नित्य किया करते थे।
आप जहां भी रहें, जहां भी जाएं आपका यश चन्दन की खुशबू की तरह फैले!
-अशोक पाण्डेय
अच्छे और नि: स्वार्थी समाज सेवियों के लिए एक सुविचार:











