अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक परमपूज्य मोरारी बापू जी के अनुसार:
वास्तव में पंचतीर्थ हैं: शब्द, स्पर्श, रुप,रस और गंध। बापू यह भी स्पष्ट करते हैं कि बुद्ध पुरुष इन्हीं पांचों तीर्थों में रहते हैं।
मान्यवर,आप भी बुद्ध पुरुष की संगति करें!
संग्रह: अशोक पाण्डेय









