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admin

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क्या आप जानते हैं कि कबूतर को दाना क्यों खिलाया जाता है?

-अशोक पाण्डेय —————— कबूतर शांति और समृद्धि का संदेशवाहक पक्षी माना जाता है। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों के

किस पर विश्वास करें: आंखों देखी पर या कानों सुनी बात पर?

-अशोक पाण्डेय ——————– बड़ा ही कठिन और बड़ा ही मुश्किल तब हो जाता है जब आंखों देखी घटना गलत हो

“धीरज का फल”

-अशोक पाण्डेय ——————– एकबार किसी राज्य में अकाल पड़ा। सभी भूख से मरने लगे। उस राज्य के राजा को कोई

“साधारण जीवन और साधारण आचरण”

-अशोक पाण्डेय ——————- मैंने अपने 73 वर्ष की आयु में अबतक एक ही साधारण उद्योगपति को देखा जो सफारी पहनता
वसंतोत्सव के उपलक्ष्य में काव्य संध्या आयोजितNews

वसंतोत्सव के उपलक्ष्य में काव्य संध्या आयोजित

भुवनेश्वरः17 फरवरीःअशोक पाण्डेय स्थानीय सत्यनगर स्थित उत्कल अनुज हिन्दी पुस्तकालय में गत रविवार की शाम वसंतोत्सव के उपलक्ष्य में काव्यसंध्या

“जो कहता है कि वह आपका सच्चा मित्र है उससे ही सबसे पहले सावधान रहें!”

-अशोक पाण्डेय मित्रता मूल‌ मंत्र विचारों का मेल होता है। इसीलिए मित्रता अमीर -गरीब, छोटा- बड़ा कुछ भी नहीं देखती

“ठगबाज को सीख”

-अशोक पाण्डेय मनुष्य का जीवन आजीवन सीखने और सीख को अपनाने का एकमात्र केन्द्र है। लेकिन इस सृष्टि की रचना

“गरीब का सिक्का “

-अशोक पाण्डेय ——————– एक गरीब था। वह प्रतिदिन भिक्षा मांगकर अपना पेट भरता था। आनेवाले कल के विषय में नहीं

“आज मैंने क्या सोचा?”

-अशोक पाण्डेय ——————– जैसा कि आपको कल शाम में मैंने यह जानकारी दी कि अपने मन के कहने पर अपना

“ज्ञानी के साथ साथ आत्मज्ञानी बनें!”

-अशोक पाण्डेय ——————– एक छोटा बालक जब ईश्वर से प्रार्थना करता है तो कहता है: हे प्रभु आनंददाता ज्ञान हमको

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