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“सभी अपने मन के राजा बाबू हैं लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को तपस्वी राजा बनने की आवश्यकता है।”

-अशोक पाण्डेय मनोविज्ञान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपने मन का राजा होता है। उसकी यह भूमिका हिन्दी फिल्म के “राजा

“संदेह और भ्रम “

-अशोक पाण्डेय —————— एक तरफ भ्रम आपको डरपोक बना देता है तो वहीं शक/संदेह आपके सुखमय और खुशहाल जीवन में

“विनम्रता”

-अशोक पाण्डेय ———————– हमारे जितने भी सद्गुण हैं उनमें विनम्रता ही श्रेष्ठतम सद्गुण है। विनम्रता धारण करने से हमारे अंत:करण
राजस्थान फाउण्डेशन भुवनेश्वर चाप्टर के  चेयरमैन नियुक्त हुए जानेमाने समाजसेवी  अजय अग्रवाल

राजस्थान फाउण्डेशन भुवनेश्वर चाप्टर के चेयरमैन नियुक्त हुए जानेमाने समाजसेवी अजय अग्रवाल

भुवनेश्वरः17 अप्रैलःअशोक पाण्डेयः ओड़िशा के जानेमाने कारोबारी तथा समाजसेवी अजय अग्रवाल को राजस्थान फाउण्डेशन भुवनेश्वर चाप्टर के चेयरमैन के रुप
आईआईटी भुवनेश्वर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भारतीय परंपराएं: उनका  अतीत, वर्तमान और भविष्य विषय पर एक सत्र आयोजित

आईआईटी भुवनेश्वर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भारतीय परंपराएं: उनका अतीत, वर्तमान और भविष्य विषय पर एक सत्र आयोजित

भुवनेश्वर, 17 अप्रैल 2025: भारतीय ज्ञान परंपराओं के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को जारी रखते
48वें वैशाखी महोत्सव की राजधानी में धूम

48वें वैशाखी महोत्सव की राजधानी में धूम

भुवनेश्वरः16 अप्रैलः अशोक पाण्डेयः प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी चिन्ता-व-चेतना संस्था के सौजन्य राजधानी भुवनेश्वर के रवीन्द्रमण्डप सभागार में

“आज का चिंतन” ‘अर्पण करने की आदत डालिए।’

-अशोक पाण्डेय ——————– अर्पण का सीधा संबंध माया के परित्याग से है।और माया का सीधा संबंध अहंकार से है। धन,जन,
कुल 65 कीर्तिमान मानद डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंतः एक अवलोकन

कुल 65 कीर्तिमान मानद डॉक्टरेट की डिग्री से सम्मानित महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंतः एक अवलोकन

-अशोक पाण्डेय एक पारदर्शी चरित्रवान व्यक्ति,दूरदर्शी विचारक,महान् शिक्षाविद,निःस्वार्थी जननायक,सच्चे समाज सुधारक तथा प्रियदर्शी हैं कुल 65 कीर्तिमान मानद डॉक्टरेट की

“भूख शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक होती है।”

-अशोक पाण्डेय ———————– निश्चित रूप से भूख तीन प्रकार की होती है: शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक। इन तीनों का सीधा

“प्रभु -प्रसाद क्या है?”

-अशोक पाण्डेय ———————- यह संसार प्रभु का है। इस संसार की सारी वस्तुएं प्रभु की हैं। लेकिन उन पर अपना

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