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अच्युत सामंत इंडियन यूनिस्पोर्ट फेडरेशन के प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित

 

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: प्रसिद्ध शिक्षाविद्, समाज सुधारक तथा कीट और कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत को रविवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडियन यूनिस्पोर्ट फेडरेशन (IUSF) की पहली वार्षिक आम सभा में सर्वसम्मति से फेडरेशन का प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

अपने निर्वाचन के बाद सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत में आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय खिलाड़ियों को तैयार करने हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने देश में खेलों के विकास के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के उद्देश्य से सभी संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने की अपील की।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त इस फेडरेशन का उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों को मजबूत करना, पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा देना तथा देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

डॉ. सामंत का निर्वाचन विश्वविद्यालय खेलों के क्षेत्र में कीट और कीस के माध्यम से उनके महत्वपूर्ण योगदान की पहचान है। उन्होंने इन संस्थानों में शिक्षा, खेल उत्कृष्टता और खिलाड़ियों के कल्याण को एकीकृत करने वाले मॉडल को बढ़ावा दिया है। उनके नेतृत्व में इन संस्थानों ने एक व्यापक खेल व्यवस्था विकसित की है, जिसमें 30 से अधिक खेल सुविधाएँ, पेशेवर कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण, चिकित्सा सेवाएँ और पुनर्वास सहायता शामिल हैं।

कीट और कीस के कुल 24 खिलाड़ी ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2019 में नेपल्स में आयोजित विश्व विश्वविद्यालय खेलों के बाद से कीट ने विश्व विश्वविद्यालय खेलों के लिए भारत के नोडल विश्वविद्यालय के रूप में भी कार्य किया है।

हाल ही में जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में कीट और कीस के 54 विद्यार्थियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। किसी एक भारतीय विश्वविद्यालय से इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में कीट और कीस के खिलाड़ियों ने कुल 21 पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण, सात रजत और 11 कांस्य पदक शामिल हैं।

IUSF के अध्यक्ष के रूप में डॉ. सामंत ने निष्पक्ष प्रतियोगिता, जवाबदेह प्रशासन और खिलाड़ियों को केंद्र में रखकर विकास करने पर जोर दिया है। उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, विश्वविद्यालयों और खेल जगत से जुड़े सभी हितधारकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

डॉ. सामंत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल संगठनों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं और अपने योगदान के लिए विभिन्न सम्मानों से सम्मानित हुए हैं। वे पहले भारतीय वॉलीबॉल महासंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में ओडिशा वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (FIVB) से भी जुड़े हुए हैं।

पिछले कई वर्षों में उन्होंने FIFA, FIVB और FIDE सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। वॉलीबॉल और शतरंज को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए उन्हें FIVB द्वारा प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।

वर्ष 2004 से डॉ. सामंत कीट और कीस के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इन संस्थानों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खेल बुनियादी ढाँचा विकसित किया है और विद्यार्थियों को राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए हैं।

कीट और कीस के एक खिलाड़ी को प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, जबकि 14 अन्य खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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