भुवनेश्वर, 8 अक्टूबर: कीट डीम्ड विश्वविद्यालय और कीस डीम्ड विश्वविद्यालय के कुल 34 संकाय सदस्यों को वर्ष 2026 के लिए विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। इनमें कीस डीम्ड विश्वविद्यालय के एक संकाय सदस्य भी शामिल हैं। यह सूची आज स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी की गई। यह उपलब्धि कीट और कीस शैक्षणिक संस्थानों के शोध कार्यों और वैश्विक वैज्ञानिक जगत में उनके प्रभाव को दर्शाती है।
वर्ष 2026 की एक-वर्षीय प्रभाव सूची (Single-Year Impact List) में शामिल 34 संकाय सदस्यों में से 13 सदस्यों को दीर्घकालिक प्रभाव सूची (Career-Long Impact List) में भी स्थान मिला है। यह सूची वैज्ञानिकों के पूरे करियर के दौरान उनके शोध के समग्र प्रभाव के आधार पर तैयार की जाती है। इनमें से 11 संकाय सदस्य दोनों सूचियों में शामिल हैं। यह उनकी निरंतर शोध उपलब्धियों और नवीनतम मूल्यांकन वर्ष में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
स्टैनफोर्ड–एल्सेवियर की यह रैंकिंग मानकीकृत उद्धरण संकेतकों (Citation Indicators) और शोध-प्रभाव से संबंधित मानदंडों पर आधारित है। इसके माध्यम से विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रभाव डालने वाले शोधकर्ताओं की पहचान की जाती है।
एक-वर्षीय सूची में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के 34 संकाय सदस्यों का शामिल होना संस्थान के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह शोध, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। कीस के एक संकाय सदस्य का सूची में शामिल होना भी संस्थान के शैक्षणिक समुदाय के बढ़ते शोध योगदान को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कीट एवं कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने कहा, “कीट एवं कीस परिवार के 34 सदस्यों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। ये संकाय सदस्य विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों से संबंधित हैं और हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है।”
वर्ष 2026 की यह उपलब्धि वैश्विक शोध जगत में कीट की बढ़ती पहचान को और मजबूत करती है। साथ ही, यह प्रभावशाली शोध के माध्यम से ज्ञान को आगे बढ़ाने और समाज के विकास में योगदान देने के संस्थान के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है।











