आपसे मेरा विनम्र निवेदन:
मेरा लंबा ब्राह्मण और शिक्षक जीवन का अनुभव कहता है कि जीवन में आप हर किसी की सहायता सोच- समझकर करें! आपका स्वभाव एक दानी का है। लेकिन आज का समय कहता है कि आप जिन लोगों की सहायता करते हैं उनमें से कुछ लोग तो आपकी सहायता और उपकार अवश्य याद रखते हैं लेकिन उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो आपकी सहायता और उपकार को हमेशा हमेशा के लिए भूल जाते हैं।
इसलिए आप से मेरा विनम्र निवेदन है कि आप कृपालु और दयालु आजीवन बने रहें लेकिन अब आप समय की मांग के अनुसार अपने विवेक से किसी की सहायता और उपकार करते समय सावधान भी रहें!
-अशोक पाण्डेय
आपसे मेरा विनम्र निवेदन:










