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संकर्षण हैं-भगवान बलभद्रजी।
प्रद्युम्न हैं-देवी सुभद्रा जी।
वासुदेव जी हैं -पुरुषोत्तम भगवान जगन्नाथ जी।
अनिरुद्ध जी हैं-भगवान सुदर्शन जी।
चतुर्धा देवविग्रह आपके इष्टदेव बनें!
-अशोक पाण्डेय
चल रहे पुरुषोत्तम मास में और जगह-जगह पर आयोजित होनेवाली श्रीमद् भागवत कथा के अनुसार :











