जय शिवशंकर!
जय श्रीराम!!
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मान्यवर ,आज जानिए “श्रीराम दरबार मंदिर” के विषय में।
श्रीराम दरबार में भक्त के शरीर,मन, बुद्धि और आत्मा को समन्वित करने का स्थाई संदेश निहित है ।
श्रीराम दरबार में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम
भक्त की आत्मा हैं।
लक्ष्मण जी भक्त के शरीर के प्रतीक हैं।
सीताजी भक्त की बुद्धि की प्रतीक हैं। और
हनुमान जी भक्त के मन के प्रतीक हैं।
आज आवश्यकता है किसी भी व्यक्ति/भक्त के उसके शरीर,मन, बुद्धि और आत्मा के बीच समन्वय की ।
हमारा सनातन धर्म हमें अपने शरीर,मन, बुद्धि और आत्मा को समन्वित रखने का संदेश श्रीराम दरबार से देता है।
जय भोलेनाथ!
जय श्रीराम!!
-अशोक पाण्डेय
जय शिवशंकर! जय श्रीराम!!










