भारत के अन्यतम धाम श्री जगन्नाथ पुरी धाम के गजपति महाराजा (राजाओं के राजा) श्री श्री दिव्य सिंहदेव जी महाराज भगवान जगन्नाथ के प्रथम सेवक हैं।वे प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के समय चतुर्धा देवविग्रहों के रथों पर छेरापंहरा अर्थात् चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव करके सोने की मूंठ वाली झाड़ू से सफाई करते हैं, पवित्र करते हैं। उनका यह व्यक्तिगत मत है कि उस सेवा से उनको अलौकिक आनन्द की प्राप्ति होती है। महाप्रभु की अहंकार रहित सेवा परम हितकारी होता है।
मान्यवर, पुरुषोत्तम मास में आप भी महाप्रभु,मानव, मानवता और राष्ट्र की सेवा कर गौरवान्वित हों!
अशोक पाण्डेय











