सिरुली महावीर जी की जय हो!
चारों तरफ उनकी ही जय-जयकार हो!
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मान्यवर,
आप बड़े ही भाग्यवान और पुरुषार्थी हैं।
आप अपने इष्ट देव में हमेशा अटूट विश्वास, श्रद्धा और भक्ति रखकर अपने पुरुषार्थ को इसी प्रकार बनाए रखें!
गौरतलब है कि देवों में प्रथम पूज्य गणेश जी ने
भी महाभारत महाकाव्य के लेखन का कार्य अपने ज्ञान के बल पर निरंतर करते रहे।
आप सदा मुस्कुराते रहें और दूसरों के चेहरे पर मुस्कान देते रहें!
आप आजीवन करुणामय बने रहें!
इन्हीं मंगल कामनाओं के साथ –
-अशोक पाण्डेय
सिरुली महावीर जी की जय हो! चारों तरफ उनकी ही जय-जयकार हो!










