जय भोलेनाथ!
जय जय जगन्नाथ!!
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हमारी सकारात्मक सोच के अनुसार ब्रह्म अर्थात् परमात्मा ही सत्य है और नकारात्मक सोच के अनुसार यह मोह -माया का संसार झूठा है। इसलिए अगर हमें इस संसार में रहना है और मानव- जीवन को सार्थक बनाना है तो सकारात्मक सोच के साथ सत्संग करना होगा, सद्गुरु को अपनाना होगा और सद्ग्रंथ के शाश्वत सत्य विचारों को मन, वचन और कर्म से ग्रहण करना होगा।
जय भोलेनाथ!
-अशोक पाण्डेय
जय भोलेनाथ! जय जय जगन्नाथ!!











