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मेरे अनुभव और अनुभूति के अनुसार मान्यवर

मेरे अनुभव और अनुभूति के अनुसार मान्यवर, आप सभी प्रकार से एक श्रेष्ठ व्यक्ति हैं क्योंकि सनातनी सभी धर्म शास्त्र यही कहते हैं कि “श्रेष्ठ व्यक्ति अपनी ग़लती ढूंढता है जबकि सामान्य व्यक्ति दूसरों की ग़लती।”
आपकी यशगाथा जन -जन का कंठहार बने!
-अशोक पाण्डेय

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