श्रीमद् भागवत कथा संदेश के आधार पर:
जो व्यक्ति दूसरों को शारीरिक और मानसिक जैसे अनेक दारुण दुख देता है वह व्यक्ति अपने भावी जीवन में कभी भी आनंदमय और सुखी जीवन जी ही नहीं सकता है। लेकिन जो व्यक्ति अपने व्यक्तिगत जीवन में दारुण दुख झेलकर आगे बढ़ता है उस व्यक्ति को नारायण सभी प्रकार के ऐश्वर्यों से अवश्य परिपूर्ण कर देते हैं।
इसलिए मान्यवर, आप किसी को भी जाने -अंजाने किसी भी प्रकार का कष्ट न दें!
-अशोक पाण्डेय
श्रीमद् भागवत कथा संदेश के आधार पर:











