“श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग ”
————
यह ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश के कुर्नूल में है। यहां की तलहटी पर कृष्णा नदी पाताल गंगा का रूप लिए हुए है। यहां पर शिव भक्त आते हैं, पवित्र कृष्णा नदी में स्नान कर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं।यह केले और बिल्व का जंगल है जहां पर भगवान भोलेनाथ हमेशा आते हैं।इस स्थल को कैलास निवास भी कहा जाता है। यहीं पर भगवान शिव ने एक आखेटक बनकर अर्जुन की धनुर्विद्या की परीक्षा ली थी।कपिला गाय का प्रचलन वनवासी राजकन्या चंद्रावती ने यहीं से आरंभ किया था।
जय हो श्री भगवान मल्लिकार्जुन का!
-अशोक पाण्डेय
“श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग “











