“सामाजिक अनुभव और ज्ञान ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ बनाता है।”-समीक्षा:
अशोक पाण्डेय की.
एक बालक जब जन्म लेता है तो उसमें दो प्रकार के गुण परिलक्षित होते हैं। एक असाधारण गुण और दूसरा साधारण गुण। लेकिन मेरा यह मानना है कि
किसी भी व्यक्ति का व्यावहारिक और सामाजिक अनुभव-ज्ञान ही उसको सर्वश्रेष्ठ बनाता है।
हमारे वेद,पुराण और उपनिषद आदि भी यही कहते हैं कि अगर हम प्रेम देंगे तो ही हमें प्रेम मिलेगा। अगर हम किसी के प्रति करुणा का भाव रखेंगे तो हम करुणासागर कहलाएंगे । मान्यवर,श्राद्ध पक्ष चल रहा है। अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता का पक्ष इसलिए हमेशा सामाजिक और व्यावहारिक बनने की कोशिश करें!
-अशोक पाण्डेय
“सामाजिक अनुभव और ज्ञान ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ बनाता है।”-समीक्षा: अशोक पाण्डेय की.











