-अशोक पाण्डेय भारतीय शिक्षा व्यवस्था गुरुकुल से आरंभ होकर आज एआई(कृत्रिम बुद्धिमता)तक पहुंच चुकी है।आज भारतीय शिक्षा-व्यवस्था में युवाओं की
विश्वविद्यालय के संस्थापक महान् शिक्षाविद् प्रोफेसर अच्युत सामंत ने की ₹5 लाख के नकद पुरस्कार की घोषणा भुवनेश्वर, 27 जुलाई:
ऐतरिय उपनिषद के अनुसार: हमारा मानव- शरीर ही हिन्दू देवालय है। अग्नि देव हमारी वाणी में निवास करते हैं। वायुदेव
जय जगन्नाथ! जगन्नाथ जी राजा इन्द्रद्युम्न से कहते हैं कि वे उनको मानव रूप में दर्शन अवश्य देंगे लेकिन उसके
नीलाद्रिनाथ की जय हो! जगन्नाथ संस्कृति के मूल संदेश के आधार पर अपनी मां, पिताजी, सद्गुरु और घर आये अतिथि
-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय —————– “श्रीमद् भागवत महापुराण”, “श्रीमद् भागवत गीता” और “श्रीरामचरितमानस” के अनुसार ज्ञान परमपिता परमेश्वर के अधीन है।ज्ञान
हर समय हमारा समाज सत्य के साथ नहीं रहता है। ठीक इसी तरह हमारा हरेक रिश्ता विश्वास और भरोसे के
सत्य की हमेशा जय हो! जीवन शाश्वत सत्य; हमेशा सत्य ही है। इसीलिए सन्मार्ग पर चलें! सत्कर्म करें! सद्गुरु की
17 जुलाई को स्थापना दिवस एवं तीज महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, उत्कल प्रदेश की
















