भुवनेश्वरः23 अगस्तः अशोक पाण्डेय स्थानीय अनुज हिन्दी पुस्तकालय में सायंकाल मैंने देश को बदलते देखा है औरजीवन के विविध रंग
“सनातन धर्म” सनातन धर्म की स्थापना स्वयं परमात्मा ने की है, कोई व्यक्ति विशेष ने नहीं की है। धार्मिक विशेषज्ञ
जय हो बजरंग बली हनुमान जी की! आज का दिन बजरंग बली का दिन है जो आपको शारीरिक और आध्यात्मिक
“सनातन धर्म क्या है?” आज मुझे एक सद्ग्रंथ “सनातन धर्म”पढ़ने का मौका मिला। इसके अंदर लेखिक : स्वर्गीय विश्वेश्वर नाथ
आज के लिए एक कथा सुनें! ———— एक बार शुकदेव जी ने अपने गुरु विदेह राजा जनक को गुरु -दक्षिणा
जय भोलेनाथ! जय जय जगन्नाथ!! ————— हमारी सकारात्मक सोच के अनुसार ब्रह्म अर्थात् परमात्मा ही सत्य है और नकारात्मक सोच
कठोपनिषद् के अनुसार गुरु- शिष्य को साथ- साथ रहना चाहिए।साथ- साथ भोजन करना चाहिए तथा साथ साथ ही सौहार्दपूर्ण वातावरण
आज नागपंचमी है। आज नागराज की पूजाकर शिव कृपा प्राप्त की जा सकती है लेकिन यह स्मरण रहे कि आज
हमारे गोवर्धन पीठ के 145वें पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य परमपाद स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाभाग साक्षात चंद्रमौलेश्वर हैं। -अशोक पाण्डेय
अपने संबोधन में श्री लाठ ने विकसित मारवाड़ी समाज बनाने में युवाओं का किया आह्वान भुवनेश्वरः15 अगस्तःअशोक पाण्डेयः स्थानीय
















